भोपाल। देश में मंकी पॉक्स के केसेस सामने आने के बाद राजधानी भोपाल में स्वास्थ विभाग और एयरपोर्ट अथॉरिटी अलर्ट हो गए हैं, विश्व स्वास्थ संगठन ने मंकी पॉक्स को लेकर गाइडलाइन जारी कर दी है, ताकि लोग इस बीमारी से बच सकें, मंकी पॉक्स के 80 देशों में फैलने की जानकारी सामने आ रही है। देश में दो-तीन केस सामने आने के बाद सभी प्रदेशों में गाइड लाइन जारी कर दी गई है।
नाक, मुंह और आंख से प्रवेश कर रहा वायरस
जानकारी के अनुसार मंकी पॉक्स का वायरस नाक, मुंह और आंख से शरीर में प्रवेश करता है, वर्तमान में लोगों ने सोशल डिस्टेंसिंग और मास्क पहनना छोड़ दिया है, यही कारण है कि ये वायरस फिर से अटेक करने लगा है, लोगों को इससे बचे रहने के लिए भीड़ भाड़ वाले इलाकों में जाने से बचना चाहिए, कुछ भी चीज खाते-पीने से पहले साबुन से हाथ धोना चाहिए। ताकि इस वायरस से दूरी बनी रहे। बताया जाता है कि मंकी पॉक्स में शरीर पर घाव जैसे निशान हो जाते हैं, जिसमें से वायरस दूसरे लोगों के नाक, मुंह और आंख में प्रवेश कर जाता है।
ये हैं मंकी पॉक्स के लक्षण
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बरसात के मौसम में रेसेस होना साधारण बात है। अगर यदि छोटे रेसेस है और बहुत ज्यादा बुखार है और फ्लू जैसे लक्षण नहीं है तो घबराने की जरूरत नहीं है। अभी मंकी पॉक्स को लेकर कहा जा रहा है फिलहाल इसका कोई ट्रीटमेंट नहीं है। होम्योपैथी सिम्टमस बैस सिस्टम है। मंकी पॉक्स से बचाने के लिए होम्योपैथिक दवाए कुछ हद तक मदद कर सकती है। आइए ओर बहुत कुछ जानते हैं होम्योपैथिक चिकित्सक डॉ. एके द्विवेदी जी से... 
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