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होम्योपैथी के साथ मेरे अनुभव और एक समेकित चिकित्सा पद्धति की आवश्यकता

1974 की बात है। मैं इलाहाबाद विश्वविद्यालय में बी. एससी. का छात्र था। मुझे किसी प्रयोजन से कानपुर जाना पड़ा। कानपुर में प्रात: काल ही मुझे एक तेजाब बनाने वाली फैक्ट्री के निकट से गुजरना पड़ा। फैक्टरी से निकलने वाली तेज गैस मेरे नाक के द्वारा फेफड़े में प्रवेश कर गई। मुझे कुछ परेशानी होने लगी। दूसरे दिन से मेरे ...


कोरोना के साथ कोरोना के बाद, मिसाल बनी मानव सेवा

कोरोना के साथ कोरोना के बाद... मिसाल बनी मानव सेवा... इसी पर आधारित है यह किताब। क्योंकि कोविड-19 एक ऐसी वैश्विक महामारी थी या यूं कहे हैं जिसने मनुष्य के जीवन को संकट में डाला और असंख्य लोगों के जीवन को लील भी लिया। लेकिन इन सबके बीच मानव जाति ने एकजूटता और संयम एवं वैश्विक महामारी से लड़ने की मिसाल ...


रजोनिवृत्ति के लक्षण

रजोनिवृत्ति से अनेक लक्षणों का संबंध जोड़ा जाता है। डिम्ब ग्रंथि के कार्य की क्षति से होने वाले लक्षणों और उम्र बढऩे की प्रक्रिया से होने वाले या प्रौढ़ जीवन के वर्षों के सामाजिक वातावरणगत तनावों से पैदा होने वाले लक्षणों के बीच अक्सर कम ही भेद किया जाता है। उम्र बढऩे के प्रभावों और रजोनिवृत्ति के प्रभावों के बीच ...


मेनोपॉज : सकारात्मक सोच

बीसवीं सदी के अंत में महिलाओं की औसत जीवन क्षमता 55 वर्ष थी। इस तरह तब महिला की रजोनिवृत्ति जीवन के अंतिम वर्षों में होती थी। पर आज महिलाओं की जीवन क्षमता 80 वर्ष है। महिलाओं के लिए यह सचमुच खुश होने की बात है। रजोनिवृत्ति प्रजनन शक्ति का अंत मात्र है, जीवन या सक्रियता का अंत नहीं। आप रजोनिवृत्ति ...


आपसी प्रेम एवं एकता का प्रतीक है होली

भारत संस्कृति में त्योहारों एवं उत्सवों का आदि काल से ही काफी महत्व रहा है। हमारी संस्कृति की सबसे बड़ी विशेषता है कि यहाँ पर मनाये जाने वाले सभी त्यौहार समाज में मानवीय गुणों को स्थापित करके लोगों में प्रेम, एकता एवं सद्भावना को बढ़ाते हैं। भारत में त्योहारों एवं उत्सवों का सम्बन्ध किसी जाति, धर्म, भाषा या क्षेत्र से ...


महिला सशक्तिकरण हालात कहां बदले हैं

भारतीय समाज शुरू से ही पुरुष प्रधान रहा है। यहां महिलाओं को हमेशा से दूसरे दर्जे का माना जाता है। पहले महिलाओं के पास अपने मन से कुछ करने की सख्त मनाही थी। परिवार और समाज के लिए वे एक आश्रित से ज्यादा कुछ नहीं समझी जाती थीं। ऐसा माना जाता था कि उसे हर कदम पर पुरुष के सहारे ...


गर्मियों में कैसे रखें बालों को खुबसूरत

गर्मियों में बाल बेजान हो जाते हैं, रूसी और बाल झडऩे की परेशानी भी बढ़ जाती है। दरअसल गर्मी में तेज धूप से बहुत पसीना बनता है और त्वचा की नमी बढ़ जाती है। त्वचा के छिद्र अधिक खुल जाते हैं, जिनसे पसीना निकलता है, लेकिन इससे त्वचा की जड़ कमज़ोर पड़ जाती है। चूंकि सिर की ऊपरी त्वचा पर ...


रजोनिवृत्ति एक समस्या

रजोनिवृत्ति किसी भी महिला के जीवन में घटने वाली एक स्वभाविक घटना है। रजोनिवृत्ति का अर्थ है- डिम्बग्रन्थियों के कार्य में कमी के कारण मासिक धर्म का स्थायी रूप से रूक जाना। यह स्थिति डिम्ब ग्रंथियों द्वारा हार्मोंस एस्ट्रोजन और प्रोजेस्टेरान के उत्पादन में कमी आने का परिणाम होती है।  रजोनिवृत्ति होने पर क्या-क्या बदलाव आते हैं? डिम्ब ग्रंथियों के काम न ...


तरबूज का शरबत

तरबूज का शरबत बहुत ही स्वादिष्ट होता है। यह हमें चिपचिपी गर्मी, धूप, लू, उमस, आदि में ठंडक देने का काम करता है। उत्तर भारत में तो लोग इसके बारे में कम ही जानते हैं, लेकिन मुंबई में यह हर जगह मिलता है और लोग इसे बहुत पसंद भी करते हैं। तो आइये आज हम भी मुंबई का मशहूर तरबूज ...


ड्राय स्किन की घर पर ही करें फेशियल

त्वचा को स्वस्थ रखना पहले से कहीं अधिक महत्वपूर्ण हो गया है। फेशियल और क्लीनअप त्वचा को तरोताजा रखने के सर्वश्रेष्ठ उपाय के रूप में सामने आए हैं। फेशियल त्वचा की सतह से रोमकूपों की गहराईयों तक में जाकर उसे साफ और स्वच्छ करता है साथ ही त्वचा का पोषण भी करता है। क्लीनअप से चेहरे की त्वचा की सफाई ...


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