एनल फिस्टुला एक छोटी सी सुरंग है जो गुदा के अंदर एक संक्रमित ग्रंथि को गुदा के आसपास की त्वचा के एक छिद्र से जोड़ती है। फिस्टुला आमतौर पर चोट या सर्जरी के कारण होते हैं, वे तब भी बन सकते हैं जब संक्रमण के कारण गंभीर सूजन हो गई हो। क्रोहन रोग और अल्सरेटिव कोलाइटिस जैसी सूजन आंत्र की ...
बवासीर यानि पाइल्स एक गंभीर समस्या है। यह बीमारी गलत लाइफस्टाइल, गलत खान-पान के कारण होती है। यदि आप हमेशा तैलीय भोजन, मसालेदार भोजन, मैदा और गरिष्ठ भोजन करते हैं, तो यह रोग होना बहुत आसान है। साथ ही आप उन लोगों में से हैं जिनका काम सिर्फ बैठना है। इन्हें सबसे ज्यादा बवासीर की समस्या होती है। जो लोग ...
ओस्टियोपोरोसिस या छिद्रित हड्डियों यह हड्डियों की एक आम बीमारी है जिसमें हड्डियां का द्रव्यमसन घट जाता है तथा हड्डियों के ऊतको का संरचनात्मक क्षरण होने लगता है जिसमें हड्डियां की भंगुरता बढ़ जाती है तथा कूल्हों, रीढ तथा कलाई में फ्रैक्चर होने का जोखिम बढ़ जाता है। ओस्टियोपोरोसिस से महिला तथा पुरुष दोनों प्रभावित होते हैं। यह एक ऐसी ...
पाइल्स, फिशर और फिस्टुला ये तीनों गुदा द्वार में होने वाली बीमारियां हैं जो पीड़ित को बेहद परेशान करती है। गुदा द्वारा लगभग 4 से 5 सेंटीमीटर लंबा होता है जिससे हम सभी स्टूल पास करते हैं। पाइल्स, फिशर व फिस्टुला ये तीनों परेशानियां एनस में ही होती है। इन तीनों बीमारियों के होने के कारण पर बात करें तो ...
एडवांस होम्यो-हेल्थ सेंटर द्वारा शासकीय हाईस्कूल, पिपलियाहाना में एक दिवसीय निःशुल्क होम्योपैथिक चिकित्सा शिविर आयोजित किया गया इंदौर। एडवांस होम्यो-हेल्थ सेंटर द्वारा 16 दिसंबर, शुक्रवार को एक दिवसीय निःशुल्क होम्योपैथिक चिकित्सा शिविर शासकीय हाईस्कूल, पिपलियाहाना में आयोजित किया गया। शिविर में केंद्रीय होम्योपैथिक अनुसंधान परिषद, आयुष मंत्रालय (भारत सरकार) में वैज्ञानिक सलाहकार बोर्ड के सदस्य व सेंटर के संचालक डॉ. एके द्विवेदी द्वारा बच्चों के स्वास्थ्य की जांच कर उन्हें ...
आज के समय में हर व्यक्ति भागदौड़ में लगा है। हमारे पास खुद के लिए समय ही नहीं रहता हैं। न समय पर खाना और न सोना। प्रकृति के विपरीत चलना तो मानो फैशन बन गया हैं। नतीजा, तरह-तरह की बीमारियां। माइग्रेन भी इसी जीवनशैली का परिणाम हैं। होम्योपैथी चिकित्सक और केंद्रीय होम्योपैथिक अनुसंधान परिषद, आयुष मंत्रालय, भारत सरकार के ...
अवसाद से ग्रसित करोड़ों लोग सुरों के सागर में गोते लगा कर इस समस्या से निजात पा सकते हैं। यह बात एक शोध से भी साबित हो गई है। एक प्रमुख शोधकर्ता का कहना है म्यूजिक थेरेपी की मदद से व्यक्ति का मूड बेहतर किया जा सकता है और उसे अवसाद से उबारा जा सकता है। यह शोध किसी न ...
चिकित्सा जगत में निरंतर हो रहे प्रगति के सभी उजले दावों के बावजूद दुनिया में कैंसर के लगभग 60 प्रतिशत केसेस भारत में पाए जाते हैं। कैंसर सबसे भयानक रोगों में से एक है, कैंसर के रोग की परंपरागत औषधियों में निरंतर प्रगति के बावजूद इसे अभी तक अत्यधिक अस्वस्थता और मृत्यु के साथ जोड़ा जाता है। और कैंसर के उपचार ...
आजकल की भागदौड़ भरी लाइफस्टाइल के दौर में व्यक्ति खुद की तरफ ज्यादा ध्यान नहीं दे पाता है। ऐसे में कई बार उसे अनेकों प्रकार की बीमारियां घेर लेती है। व्यक्ति इन बीमारियों के कारण स्वस्थ्य नहीं रहता और उसके लिए दवाओं पर निर्भर हो जाता है। लेकिन कई बार कुछ रोग ऐसे होते हैं जिनमें व्यक्ति को उम्र पर ...
आधुनिक जीवन में टॉन्सिलाइटिस यानी गले की बीमारी प्रायः हर घर के कम से कम एक सदस्य खासकर बच्चों को जरूर परेशान करती है। लिहाजा घर के प्रत्येक सदस्य उसके इस रोग से उद्विग्न दिखाई पड़ते हैं। टॉन्सिलाइटिस एक ऐसा दर्द है जो मुख्यतः होता बच्चों को है पर महसूस उनके माता-पिता को होता है। क्लिनिक पर आने वाले अधिकांश माता-पिता ...
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