वैरिकोज नसों के लिए पारंपरिक उपचार में आमतौर पर स्कलेरोथेरेपी, लेजर सर्जरी, माइक्रो स्केलेरोथेरेपी, एंडोस्कोपिक नस सर्जरी और एन्डोविनल एक्लेशन थेरेपी जैसी तकनीकों को शामिल किया जाता है। स्केलेरोथेरेपी: एक रासायनिक शिरा के माध्यम से तरल या फोम को इंजेक्ट करना रक्त को एक स्वस्थ नस में पुनर्निर्देशित करता है। माइक्रोस्कोपियो थेरेपी एक ऐसी ही प्रक्रिया है। लेजऱ शल्य चिकित्सा: नस ...
अगर आपको या फिर किसी अपने को वैरिकोज वेन्स की प्रॉब्लम हो, तो उसे बिल्कुल भी नजरअंदाज न करें। रोजाना योगासन के साथ-साथ अपनी डाइट में शामिल करें ये फूड्स। लगातार कई घंटे बैठे और खड़े रहना, खराब लाइफस्टाइल, ब्लड प्रेशर और मोटापा जैसी समस्याओं के कारण वैरिकोज वेन्स की समस्या का सामना करना पड़ता है। वेन्स पूरे शरीर के ...
वरिष्ठ होम्योपैथिक चिकित्सक डॉ. एके द्विवेदी इंदौर के अनुसार उच्च रक्तचाप के प्रबंधन में होम्योपैथिक दवाओं की अच्छी गुंजाइश है। होम्योपैथिक दवाएं उन लोगों के लिए विशेष रूप से अच्छी तरह से काम करती हैं जिन्हें हाल ही में उच्च रक्तचाप का पता चला है और वे अभी तक इसके लिए किसी अन्य दवा पर निर्भर नहीं हुए हैं। पुराने ...
थैलेसीमिया रक्त से संबंधित ऐसी आनुवंशिक बीमारी है, जो रक्त कोशिकाओं के कमजोर होने और नष्ट होने के कारण होती है। यह वैरिएंट या किसी जीन की अनुपस्थिति के कारण भी होती है, जो हीमोग्लोबिन प्रोटीन के निर्माण को गंभीर रूप से प्रभावित करता है। हीमोग्लोबिन प्रोटीन एक ऐसी जरूरी चीज है, जो लाल रक्त कोशिकाओं को ऑक्सीजन ले जाने ...
अगर शादी कराने से पहले लड़के-लड़की के खून की जांच करा ली जाए या गर्भावस्था के चौथे महीने में भ्रूण का ठीक से चेकअप करा लिया जाए तो थैलेसीमिया जैसे वंशानुगत रोग को बढऩे से रोका जा सकता है...थैलेसीमिया एक ऐसा रोग है, जो आमतौर पर जन्म से ही बच्चे को अपनी गिरफ्त में ले लेता है। यह दो प्रकार ...
वैसे तो हमें हमेशा अपनी सेहत एवम् खान-पान के प्रति सजग रहना चाहिए लेकिन गर्मी का मौसम एक ऐसा मौसम होता है जब हमें अपने स्वास्थ्य के प्रति विशेष सावधानी रखनी पड़ती है। क्योंकि गर्मी के मौसम में ऐसी कुछ बीमारियां हैं जो अक्सर देखने को मिलती हैं जैसे - दस्त, उल्टी, चक्कर आना, सिरदर्द होना इत्यादि। लेकिन यदि इन ...
गर्मी का मौसम चल रहा है। और अभी तापमान प्रतिदिन 40 डिग्री से अधिक बना हुआ है। ऐसे में गर्मी में नाक से खून आना आम बात है। नाक से खून आने की समस्या को नकसीर कहते हैं और गर्मियों के मौसम में ये दिक्कत अधिक होती है। वैसे तो नाक से खून आने (नोसब्लीड्स) के ज्यादातर मामले मामूली होते ...
मनुष्य का आंतरिक भाग जितना जटिल होता है, उतना ही हर छोटे से छोटे सेल को अपनी भूमिका निभाने की आवश्यकता होती है। हर कोई लाल और सफेद रक्त कोशिकाओं या शरीर की लड़ाकू कोशिकाओं के बारे में सुने हैं जो संक्रमण से लडऩे और ऑक्सीजन ले जाने के लिए आवश्यक है। ये कोशिकाएँ बोन मैरो द्वारा निर्मित होती हैं। यदि ...
एलर्जी एक ऐसी बीमारी है, जिसका कारण आमतौर पर समझ में नहीं आता। लेनि कुछ ऐसे लक्षण तो हैं ही, जो ये बता देते हैं कि आप एलर्जी से पीडि़त हैं। इसके बाद एक ब्लड टेस्ट आपकी मुश्किलें आसान कर सकता है। आइए जानें, क्या है.... एलर्जी, कैसे पाएं राहत। इनसे हो सती है एलर्जी खाद्य पदार्थ - डेयरी उत्पाद, मूंगफली, मक्का, अंडा, ...
होम्योपैथि चिकित्सा मोटापा एवं उसके विभिन्न पहलुओं का उपचार करती है। इन दवाओं से पाचन क्रिया सुदृढ़ होती है, चयापचय की क्रिया अच्छी होती है जिसी वजहसे मोटापा म होता है। वजन घटाने के लिए कई लोग होम्योपैथी उपचार का सहारा लेते हैं, वजन घटाने के लिए होम्योपैथिक उपचार को सुरक्षित माना गया है एवं यह सभी उम्र के लोगों ...
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